
नया साल भारतीय सेना (Indian Army) के जवानों के लिए एक Digital Relief लेकर आया है। देश की सीमाओं पर तैनात जवान, जो वर्षों से सोशल मीडिया से पूरी तरह कटे हुए थे, अब Facebook, X (Twitter) और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म देख सकेंगे।
हालांकि, पोस्ट करना, कमेंट करना या कुछ भी शेयर करना अभी भी सख्त मना है।
क्या है पूरा फैसला? | Defence Ministry Guidelines
रक्षा सूत्रों के मुताबिक:
- जवान Social Media Content देख सकते हैं
- पोस्ट, स्टोरी, रील, कमेंट, लाइक – सब पर पूर्ण प्रतिबंध
- Instagram का इस्तेमाल सिर्फ Monitoring & Surveillance के लिए
- Fake या Misleading Content दिखे तो तुरंत Senior Officer को रिपोर्ट
यानी जवान अब सोशल रहेंगे, लेकिन Silent Mode में।
क्यों लगाया गया था Social Media Ban?
Galwan Valley Clash Background
15-16 जून 2020 को LAC पर गलवान घाटी में भारत-चीन झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद, कई चीनी सैनिक मारे गए। 45 सालों में यह सबसे हिंसक टकराव था। इसके बाद National Security को देखते हुए सैनिकों पर Social Media पूर्ण प्रतिबंध। Live Streaming और Media Interaction भी रोकी गई।

Social Media क्यों बना Security Risk?
रक्षा मंत्रालय की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक जवान अनजाने में Location, Camp Details शेयर कर रहे थे। Sensitive Videos Viral हो रही थीं। Enemy Surveillance आसान हो रही थी। इसलिए “Digital Silence” को ज़रूरी माना गया।
अब क्या बदला है? | What’s New in 2025
Defence Ministry ने सभी Units को New Digital SOPs जारी किए। जवान अब Fake News पहचानेंगे। Anti-India Propaganda पर नज़र रखेंगे। Psychological Warfare को Counter करेंगे। यानी अब जवान सिर्फ बॉर्डर पर नहीं, Digital Frontline पर भी तैनात हैं।
पहले जवान कहते थे – “पोस्ट नहीं कर सकते” अब कहेंगे – “देख तो सकते हैं, लेकिन उंगली फिसल गई तो कोर्ट मार्शल”
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